ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 190

गोवरो भाषा

गावरी भाषा के लिए जिसे कालामी भाषा भी कहते हैं कालामी भाषा का पन्ना देखिये गोवरो, जिसे गाबरो भी कहते हैं, कोहिस्तानी उपशाखा की एक दार्दी भाषा है जो पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के कोहिस्तान ज़िले में बोली जाती है। यह इस जिले के कोलाई ...

ग्वार-बती भाषा

ग्वार-बती कुनर शाखा की एक दार्दी भाषा है जो अफ़ग़ानिस्तान​ के कुनर प्रान्त और उसके साथ लगे पाकिस्तान के चित्राल ज़िले के कुछ भागों में बोली जाती है। इसके लगभग ९,००० मातृभाषी अफ़ग़ानिस्तान​ में और १,५०० पाकिस्तान में रहते हैं।

चीलीस्सो भाषा

चीलीस्सो कोहिस्तानी उपशाखा की एक दार्दी भाषा है जो पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के कोहिस्तान ज़िले के पूर्वी भाग में बोली जाती है।

छत्तीसगढ़ी भाषा

छत्तीसगढ़ी भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाने वाली एक अत्यन्त ही मधुर व सरस भाषा है। यह हिन्दी के अत्यन्त निकट है और इसकी लिपि देवनागरी है। छत्तीसगढ़ी का अपना समृद्ध साहित्य व व्याकरण है। छत्तीसगढ़ी 2 करोड़ लोगों की मातृभाषा है। यह पूर्वी हिन् ...

डोमाकी भाषा

डोमाकी पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र में कुछ सैंकड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक दार्दी भाषा है। यह डूमा समुदाय के सदस्यों द्वारा बोली जाती है जिनकी लोकमान्यता है कि वे कहीं दक्षिण में मध्य भारत से आकर कश्मीर घाटी से गुज़रते ...

तीराही भाषा

तीराही कोहिस्तानी उपशाखा की एक दार्दी भाषा है जो अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार प्रान्त प्रान्त के नंगरहार नामक गाँव के आसपास बोली जाती है। इसे मूल रूप से बोलने वाले समुदाय की जनसंख्या ५,००० है लेकिन उनमें से १०० के अलावा बाक़ी सभी अब अन्य भाषाएँ बोलते ...

तोरवाली भाषा

तोरवाली, जिसे तूरवाली भी कहते हैं, कोहिस्तानी उपशाखा की एक दार्दी भाषा है जो पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के कोहिस्तान और स्वात ज़िलों में बोली जाती है। इसे तोरवाली समुदाय के लोग बोलते हैं जो स्वात वादी में मदयान शहर के पश्तो बोलने वा ...

दक्खिनी

दखनी उर्दू ज़बान की एक अहम बोली है, जो जनूबी हिंदुस्तान में बोली जाती है। दखनी हिंदी मूलतः हिंदी का ही पूर्व रूप है जिसका विकास ईसा की १४वी शती से १८बी शती तक दक्खिन के बहमनी, क़ुतुब शाही और आदिल शाही आदि राज्यों के सुल्तानों के संरक्षण मैं हुआ थ ...

दामेली भाषा

दामेली या दामेड़ी कुनर शाखा की एक दार्दी भाषा है जो पाकिस्तान के चित्राल ज़िले की दोमेल वादी में बोली जाती है। इसे लगभग ५,००० लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। इनमें से पुरुष अक्सर पश्तो भी बोलना जानते हैं और बहुतों को खोवाऔर उर्दू भाषाएँ आती है ...

नंगलामी भाषा

नंगलामी, जिसे ग्रंगाली भी कहते हैं, कुनर शाखा की एक दार्दी भाषा है जो अफ़ग़ानिस्तान​ के कुनर प्रान्त और नंगरहार प्रान्त की सीमा पर विस्तृत क्षेत्र में बोली जाती है जहाँ निंगलाम गाँव भी पड़ता है। यह पेच नदी और वाएगल नदी के संगम स्थल के पास है। इसक ...

नागपुरी भाषा

नागपुरी या सादरी झारखण्ड, बिहार, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्यों में बोली जाने वाली एक हिन्द-आर्य भाषा है। इसे हिन्दी कि उपभाषा भी माना जाता है। नागजाति या नागवंश के शासन स्थापित होने पर इसकी राजभाषा नागपुरी, छोटानागपुर में सर्वमान्य हुई। यह सदानो की ...

नागामी भाषा

नागामी भाषा विभिन्न नागा बोलियों और असमी भाषा का मिश्रण है। यह भाषा स्कूलों और विधान सभा में समझाने और बहस के लिए प्रयोग में लाई जाती है। विभिन्न बोलियों के होने के कारण नागालैंड में अंग्रेज़ी को राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त है।

पंजाबी भाषा

पंजाबी एक हिंद-आर्यन भाषा है और ऐतिहासिक पंजाब क्षेत्र के निवासियों तथा प्रवासियों द्वारा बोली जाती है। इसके बोलने वालों में सिख, मुसलमान और हिंदू सभी शामिल हैं। पाकिस्तान की १९९८ की जनगणना और २००१ की भारत की जनगणना के अनुसार, भारत और पाकिस्तान म ...

पर्या भाषा

पर्या उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के कुछ भागों में बोली जाने वाली मध्य हिन्द-आर्य भाषा है। यह हिन्दी की एक उपभाषा है। इस भाषा की विशेषताओं के अध्ययन एवं उनके दस्तावेजीकरण पर सोवियत भाषावैज्ञानिक आई एम ओरांस्की ने बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया है। य ...

पहाड़ी भाषाएँ

हिमालय पर्वतश्रृंखलाओं के दक्षिणवर्ती भूभाग में कश्मीर के पूर्व से लेकर नेपाल तक पहाड़ी भाषाएँ बोली जाती हैं। ग्रियर्सन ने आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं का वर्गीकरण करते समय पहाड़ी भाषाओं का एक स्वतंत्र समुदाय माना है। चैटर्जी ने इन्हें पैशाची, दरद अथ ...

पालूला भाषा

पालूला, जिसे फालूला, फालूरा और अशरेती भी कहते हैं, शीना उपशाखा की एक दार्दी भाषा है जो पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के चित्राल ज़िले की अशरेत​, बेयोड़ी, शीम्शी और कल्कटक​ वादियों में बोली जाती है। खोवार भाषा बोलने वाले चित्राली लोग इस ...

पोठोहारी भाषा

पोठोहारी या पोठवारी पंजाबी भाषा की एक पश्चिम-क्षेत्रीय उपभाषा है। यह पोठोहार के पठारी इलाक़े की मातृबोली है और पाक-अधिकृत कश्मीर के कुछ भागों में भी बोली जाती है। हालांकि पोठोहारी और पंजाबी की मानक उपभाषा एक-दूसरे को लगभग पूरी तरह समझ सकते हैं, क ...

फ़ीजी हिन्दी

फिजी हिन्दी फिजी में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है। इसे फ़िजियन हिन्दी या फ़िजियन हिन्दुस्तानी भी कहते हैं। यह फिजी की आधिकारिक भाषाओं मे से एक है। यह अधिकांशतः भारतीय मूल के फिजी लोगों द्वारा बोली जाती है। फिजी हिन्दी देवनागरी लिपि और रोमन लिपि ...

बज्जिका

बज्जिका भाषा है, जो कि बिहार के तिरहुत प्रमंडल में बोली जाती है। इसे अभी तक भाषा का दर्जा नहीं मिला है, मुख्य रूप से यह बोली ही है| यद्यपि इस भाषा को अब बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के स्नातक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है ।भारत में २००१ की जन ...

बटेरी भाषा

बटेरी कोहिस्तानी शाखा की एक दार्दी भाषा है जो अधिकतर पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के कोहिस्तान ज़िले बोली जाती है। इसके लगभग १,००० मातृभाषी भारत में रहते हैं।

बम्बइया हिन्दी

बंबई हिंदी या बम्बइया, हिन्दी का ही एक प्रकार है जो मुम्बई में बोली जाती है। "बॉम्बे हिन्दी को बोलचाल की भाषारूप में देशी वक्ताओं की युवा पीढ़ी उपयोग करती है। इस बोली में भारत की अन्य भाषाओं: मराठी, हिंदी, गुजराती,अंग्रेजी तथा अन्य भाषाओं के अंशो ...

बुंदेली भाषा

बुंदेली भारत के एक विशेष क्षेत्र बुन्देलखण्ड में बोली जाती है। यह कहना बहुत कठिन है कि बुंदेली कितनी पुरानी बोली हैं लेकिन ठेठ बुंदेली के शब्द अनूठे हैं जो सादियों से आज तक प्रयोग में आ रहे हैं। बुंदेलखंडी के ढेरों शब्दों के अर्थ बंग्ला तथा मैथिल ...

भदरवाही भाषा

भदरवाही भाषा भारत के जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के डोडा ज़िले में बोली जाने वाली एक पहाड़ी भाषा है। यह डोगरी भाषा के बहुत समीप है और इसे कभी-कभी उसकी उपभाषा भी समझा जाता है। इसका नाम डोडा ज़िले के भदरवाह शहर पर पड़ा है, हालांकि यह पूरे ज ...

भोजपुरी भाषा

भोजपुरी शब्द का निर्माण बिहार का प्राचीन जिला भोजपुर के आधापर पड़ा। जहाँ के राजा "राजा भोज" ने इस जिले का नामकरण किया था।भाषाई परिवार के स्तर पर भोजपुरी एक आर्य भाषा है और मुख्य रूप से पश्चिम बिहाऔर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा उत्तरी झारखण्ड के क्षेत ...

मगही भाषा

मगही या मागधी भाषा भारत के मध्य पूर्व में बोली जाने वाली एक प्रमुख भाषा है। इसका निकट का संबंध अवधी भोजपुरी और मैथिली भाषा से है और अक्सर ये भाषाएँ एक ही साथ बिहारी भाषा के रूप में रख दी जाती हैं। इसे देवनागरी लिपि में लिखा जाता है। मगही बोलनेवाल ...

मध्य क्षेत्र (हिन्दी)

मध्य क्षेत्र की भाषाएँ या केन्द्रीय क्षेत्र की भाषाएँ, जिन्हें हिन्दी भाषा के रूप में भी जाना जाता है, उत्तरी और मध्य भारत में बोली जाने वाली संबंधित भाषा किस्मों का एक समूह है। यह भाषा किस्में इंडो-आर्यन भाषाओं के परिवार का केंद्रीय हिस्सा हैं, ...

मह्ल भाषा

मह्ल या महल या दिवेही एक हिन्द-आर्य भाषा है जो भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित मालदीव द्वीपसमूह में और भारत के लक्षद्वीप संघीय-क्षेत्र के मिनिकॉय द्वीप पर बोली जाती है। मह्ल और श्रीलंका में बोली जाने वाली सिंहली भाषा एक दूसरे ...

मेवाड़ी भाषा

मेवाड़ी भारतीय राज्य राजस्थान की राजस्थानी भाषा की एक प्रमुख बोली यानि उपभाषा है जो हिन्द-आर्य भाषा परिवार के अंतर्गत आती है। यह बोली लगभग ५ लाख लोग बोलते हैं और ज्यादातर, चित्तौडगढ़, उदयपुर, राजसमंद और भीलवाड़ा में बोलते हैं।

मेवाती भाषा

मेवाती हरियाणा व राजस्थान के मेवात क्षेत्र में बोली जाने वाली एक सामान्य साधारण बोली है। यह ब्रजभाषा की एक उपभाषा/बोली या उपबोली है, और इसकी सबसे सहायक बोली हरियाणवी है।

मैथिली भाषा

मैथिली भारत के बिहाऔर झारखंड राज्यों और नेपाल के तराई क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा है। यह हिन्द आर्य परिवार की सदस्य है। इसका प्रमुख स्रोत संस्कृत भाषा है जिसके शब्द "तत्सम" वा "तद्भव" रूप में मैथिली में प्रयुक्त होते हैं। यह भाषा बोलने और सुन ...

राजबोंग्शी भाषा

राजवंशी या कामता या रंगपुरी पूर्वोत्तर भारत, उत्तर बांग्लादेश, और नेपाल के पूर्वी भागों में राजबोंग्शी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक हिन्द-आर्य भाषा है। इसे बोलने वाले कई लोग कोच भाषा भी बोलते हैं तथा अक्सर बंगाली या असमिया भाषाओं को भी बोल-समझ ...

राजस्थानी भाषा

राजस्थानी भाषा राजस्थान में बोली जाने वाली भाषाओं को कहा जाता है। राजस्थानी भाषाऐं भारत में लगभग नौ करोङ लोगो के द्वारा बोली जाती है।इस भाषा समूह की सर्वाधिक बडी बोली मारवाड़ी है, जो लगभग 4.5 करोङ से 5 करोङ लोगो द्वारा बोली जाती है। हिन्दी, ब्रजभ ...

रेख़्ता

रेख़्ता, हिंदुस्तानी भाषा थी क्योंकि इसकी बोलीभाषा आधार दिल्ली की ख़रीबूली में स्थानांतरित हो गई थी। यह शैली फ़ारसी-अरबी और नागारी दोनों स्क्रिप्टों में विकसित हुई और इसे उर्दू और हिंदी का प्रारंभिक रूप माना जाता है।

लहन्दा भाषाएँ

लहन्दा या लाहन्दा पंजाबी भाषा की पश्चिमी उपभाषाओं के समूह को कहा जाता है। पंजाबी में लहन्दा शब्द का मतलब पश्चिम होता है, जिस से इन भाषाओं का यह नाम पड़ा है - तुलना के लिए हिन्दी की पूर्वी उपभाषाओं को पारम्परिक रूप से अक्सर पूरबिया कहा जाता है। लह ...

शुमश्ती भाषा

शुमश्ती, जिसे शुमश्त भी कहते हैं, कुनर शाखा की एक दार्दी भाषा है जो अफ़ग़ानिस्तान​ के कुनर प्रान्त में बोली जाती है। यह कुनर नदी के पश्चिमी किनारे पर ग्वार-बती बोलने वाले इलाक़े से लगभग ६० किमी दूर बोली जाती है। १९९४ में अनुमान लगाया गया कि इसे क ...

संस्कृत भाषा

संस्कृत भारतीय उपमहाद्वीप की एक भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत एक हिंद-आर्य भाषा हैं जो हिंद-यूरोपीय भाषा परिवार की एक शाखा हैं। आधुनिक भारतीय भाषाएं जैसे, हिंदी, बांग्ला, मराठी, सिन्ध ...

सधुक्कड़ी

सधुक्कड़ी हिंदी / हिंदुस्तानी की एक स्थानीय बोली है, जो मध्ययुगीन उत्तर भारत की एक लोकप्रिय भाषा हुआ करती थी। यह हिंदी और पंजाबी के मिश्रण से बनी है, इसलिए इसे आमतौपर पंचमेल खिचड़ी भी कहा जाता है। चूंकि यह सरल है, इसका उपयोग वयस्क साक्षरता पुस्तक ...

सराइकी

सराइकी भारतीय-आर्य परिवार की एक भाषा है। यह पाकिस्तान के पंजाब के दक्षिणि भागों, उसके सीमावर्ती सिंध में, पंजाब के उत्तरी-पश्चिमी भाग आदि में बोली जाती है। भारत में राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर व श्री गंगानगर जिलो में भी पांच लाख के करीब लोग सराइ ...

सिलेटी भाषा

सिलेटी भाषा, बांग्लादेश के उत्तर-पूर्वाञ्चल में अवस्थित छिलठ विभाग, असम के होजाइ जिला और बराक उपत्यका, तथा त्रिपुरा के कुछ भागों में प्रचलित है। यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य और खाड़ी के देशों में बसने वाले अधिकतर बंगलादेशी यह भाषा बोलते हैं। सि ...

हफ़लौंग हिन्दी

हफ़लौंग हिन्दी असम की उत्तर कचर पहाड़ी जिले की आम बोलचाल की भाषा है। यह एक मिश्रित भाषा है जो हिन्दी से उत्पन्न हुई है और इसने अन्य भाषाओं जैसे कि बंगाली, असमिया, दिमासा और ज़ेमे नागा भाषाओं के शब्दों को भी आत्मसात कर लिया है। इस मिश्रित भाषा का ...

हरियाणवी भाषा

हरियाणवी उत्तर भारत में बोली जाने वाली भाषाओं का एक समूह है।, इसे भाषा नहीं कहा जा सकता.वैसे तो हरियाणवी में कई लहजे हैं साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बोलियों की भिन्नता है। उत्तर हरियाणा में बोली जाने वाली हरियाणवी थोड़ा सरल होती है तथा हिन्दी भा ...

हल्बी भाषा

हल्बी भाषा ओडिया और मराठी के बीच की एक पूर्वी भारतीय-आर्य भाषा है। यह भारत के मध्य भाग में लगभग ५ लाख लोगों की भाषा है। इसे बस्तरी, हल्बा, हल्बास, हलबी, हल्वी, महरी तथा मेहरी भी कहते हैं। इस भाषा के वाक्यों में कर्ता के बाद कर्म और उसके बाद क्रिय ...

हिन्दको भाषा

हिन्दको पश्चिमोत्तरी पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रांत के हिन्दकोवी लोगों और अफ़ग़ानिस्तान के कुछ भागों में हिन्दकी लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक हिंद-आर्य भाषा है। कुछ भाषावैज्ञानिकों के अनुसार यह पंजाबी की एक पश्चिमी उपभाषा है हालांकि इसप ...

हिन्दुस्तानी भाषा

हिन्दुस्तानी भाषा हिन्दी और उर्दू का एकीकृत रूप है। ये हिन्दी और उर्दू, दोनो के बोलचाल की भाषा है। इसमें संस्कृत के तत्सम शब्द और अरबी-फ़ारसी के उधार लिये गये शब्द, दोनों कम होते हैं। यही हिन्दी और उर्दू का वह रूप है जो भारत की जनता रोज़मर्रा के ...

शब्दकोश

अनुवाद
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